श्रीजी मंदिर में मनाई गई गीता जयंती, भोला बाबा ने बताया गीता का महत्व
श्री ब्रज समाज हरि संकीर्तन संघ मथुरा के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत गीता जयन्ती महोत्सव का आयोजन श्रीजी मंदिर, श्रीविद्या पीठ गताश्रम टीला पर किया गया। श्रीजी पीठाधीश्वर भोला बाबा महाराज, परमेश्वर दत्त शास्त्री गुरु के सान्निध्य में दीप प्रज्जवित करके कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
श्रीजी पीठाधीश्वर भोला बाबा महाराज श्रीजी गादिपति ने कहा कि लक्ष्मी से भगवान ने कहा मेरा पच्चीसवां अवतार श्रीमद्भागवत गीता है। इसके प्रथम पांच अध्याय मेरा मुख, द्वितीय पांच अध्याय हृदय, तृतीय पांच अध्याय मेरा मन और उदर है। सत्रवाह अध्याय जंघा और अठाहरवां अध्याय मेरे चरण हैं। गीता पाठ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व कल्याणार्थ अर्जुन को उपदेश किया है।
गीता पाठ करने से मानव तरण-तारण हो जाता है। गीता में सभी संसार की समस्याओं का समाधान निहित है। विश्व में गीता सर्वश्रेष्ठ शास्त्र मान्य है। इस अवसर पर बनवारी बाबा महाराज, वेदान्त बाबा, अवधेश पाठक, कपिल, शरद कुमार सौदागर, मुकेश चतुर्वेदी, कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी, दीपक ज्योतिषाचार्य, माधव आचार्य, कृष्णा आचार्य, रमा चतुर्वेदी, पूर्व सभासद योगेश उपाध्याय उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी प्रज्ञानन्द महाराज ने की।
