आगरा में कबाड़ के बीच छिपाकर रखी गईं पांच करोड़ की नकली दवाएं बरामद, एक गिरफ्तार | agra news
आगरा के धनौली इलाके में औषधि विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से नकली दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने एक खंडहरनुमा कमरे में कबाड़ के बीच छिपाकर रखी गई करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं जब्त की हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजीवन पर मंडरा रहे बड़े खतरे को टालने की दिशा में एक अहम कदम है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पिछले दिनों दवा बाजारों में हुई छापेमारी के बाद से नकली दवाओं का यह सिंडिकेट सक्रिय था और अधिकारियों की नजरों से बचने के लिए माल को शहर से दूर देहात व कॉलोनियों के सूने कमरों में ठिकाने लगा रहा था। विभाग को गोपनीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि धनौली क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रतिबंधित और नकली दवाइयां डंप की गई हैं। इसके बाद औषधि निरीक्षक की टीम ने बताए गए ठिकानों पर दबिश दी।
कबाड़ के नीचे छिपाए गए थे कार्टन
छापेमारी के दौरान टीम को एक ऐसा कमरा मिला जिसके आगे टिन शेड पड़ा था और भारी मात्रा में कबाड़ भरा हुआ था। दस बाय बारह फीट के इस जर्जर कमरे में टूटे हुए सोफे, पुरानी साइकिल और कबाड़ के अन्य सामान के बीच नकली दवाओं के बड़े-बड़े कार्टन छिपाकर रखे गए थे। पकड़ी गई दवाओं में मधुमेह की एमारिल, दर्द निवारक केटोराल, एंटी एलर्जिक एलिग्रा और हृदय रोग से जुड़ी कार्डेस जैसी बहुपयोगी और संवेदनशील दवाएं शामिल हैं।
आगे की जांच और धरपकड़
इस मामले में इकरार नामक शख्स को मौके से गिरफ्तार किया गया है जो पिछले कुछ वर्षों से इस अवैध कारोबार में संलिप्त बताया जा रहा है। अधिकारियों ने सभी संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। आरोपी से हुई पूछताछ के बाद कई अन्य अवैध गोदामों की जानकारी मिली है, जिनकी पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई और छापेमारी तेज कर दी गई है। नकली दवाओं के इस प्रकार बाजार में खपने से आम जनता के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने का बड़ा खतरा बना हुआ था।
