पशु रोगों से बचाव के लिए DUVASU में 10 दिवसीय प्रशिक्षण, 10 राज्यों के विशेषज्ञ हुए शामिल
पं. दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (DUVASU) में उभरते पशु रोगों की समय पूर्व पहचान एवं नियंत्रण हेतु आणविक तथा उन्नत नैदानिक तकनीकों के एकीकरण पर 10 दिवसीय विंटर स्कूल प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। यूपीसीएआर प्रायोजित इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश तथा नेपाल से आए कुल 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्घाटन कुलपति द्वारा किया गया, जिसमें प्रशिक्षण-संकलन (कम्पेंडियम) का विमोचन भी किया गया। कोर्स डायरेक्टर डॉ. चेतना गंगवार के नेतृत्व में कुल 32 सत्रों का आयोजन हुआ। इन सत्रों में उभरते व पुनः उभरते पशु रोग, जीनोमिक्स-प्रोटीओमिक्स, आणविक निदान तकनीकें, ज़ूनोटिक रोग, एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस), क्लीनिकल इमेजिंग, हिस्टोपैथोलॉजी, प्रजनन अल्ट्रासोनोग्राफी तथा मेटाबॉलिक रोगों के निदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।
समापन समारोह में अधिष्ठाता एवं यूपीसीएआर के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पशुधन स्वास्थ्य को मजबूत करना और पशु रोगों के निदान में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाना था।
