चीनी से प्लास्टिक बनाने की अनोखी पहल, बेल्जियम से आया विशाल रिएक्टर | uttar pradesh news
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां अब चीनी के दानों से प्लास्टिक का विकल्प तैयार किया जाएगा। लखीमपुर खीरी जिले की कुंभी चीनी मिल में पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) के उत्पादन के लिए एक अत्याधुनिक प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पर्यावरण के अनुकूल बायोडिग्रेडेबल सामग्री बनाई जाएगी, जो पारंपरिक प्लास्टिक का एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी। इस पहल से पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना की मुख्य कड़ी यानी बेल्जियम से मंगवाया गया महाकाय रिएक्टर लगभग पांच महीने की लंबी यात्रा के बाद उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुआ। भारी-भरकम उपकरणों से लैस यह विशेष ट्रेलर वाराणसी के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। रास्ते में इस विशालकाय मशीन के परिवहन के दौरान सड़क धंसने और यातायात सुचारू रखने जैसी तकनीकी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा, जिसे स्थानीय प्रशासन और तकनीकी टीमों की मदद से संभाला गया। इस पूरी परिवहन व्यवस्था पर भारी भरकम खर्च आया है, जो इस प्रोजेक्ट के बड़े पैमाने को दर्शाता है।
लगभग 3000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्लांट में विदेशी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते हुए इस भारी रिएक्टर को सुरक्षित रूप से प्लांट तक पहुंचाने के लिए विशेष मार्ग तैयार किए गए हैं। प्लांट पर पहुंचने के बाद इस रिएक्टर के इंस्टॉलेशन का काम शुरू होगा, जिसे अगले एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार इस पूरी परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग कर रही है ताकि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल सके और समय पर उत्पादन शुरू हो सके।
