कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नीतीश कुमार के एनडीए में जाने पर हुई चर्चा | national politics
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के तमाम शीर्ष नेता और राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और चुनावी व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए में वापसी का प्रसंग भी उठा। पार्टी नेताओं के बीच चर्चा के दौरान इस बात पर विमर्श हुआ कि यदि नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन के साथ बने रहते, तो क्षेत्रीय समीकरण कुछ अलग हो सकते थे। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ नेतृत्व ने माना कि उनका समय रहते गठबंधन से बाहर जाना ही बेहतर रहा, क्योंकि उनकी कार्यशैली को लेकर पहले से ही असहजता बनी हुई थी। ऐसे घटनाक्रमों से क्षेत्रीय स्तर पर जनता के बीच राजनीतिक स्थिरता और दलों के वैचारिक मेल पर नए सिरे से बहस छिड़ जाती है, जिसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
इसके अलावा, बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और निष्पक्षता जैसे गंभीर विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनावी अनियमितताओं के मामलों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी ने यह संकल्प लिया कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
