जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सीआईएसएफ कैंप में अंधाधुंध फायरिंग, असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार जवानों की मौत | jammu kashmir cisf firing kathua
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली इलाके में स्थित सेवा-द्वितीय हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सीआईएसएफ कैंप के भीतर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। ड्यूटी बदलाव के दौरान किसी बात को लेकर जवानों के बीच आपसी बहस हो गई थी, जो इतनी बढ़ गई कि एक हेड कांस्टेबल ने अपने ही साथियों पर सर्विस हथियार से गोलियां बरसा दीं। इस गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा बलों के भीतर मानसिक तनाव और प्रबंधन के मुद्दों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस हिंसक झड़प में जान गंवाने वाले जवानों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल संजीव कुमार और कांस्टेबल मोहम्मद रफीक के रूप में हुई है। आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार को तुरंत काबू में कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बल के मुख्यालय ने तुरंत कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं, और महानिदेशक खुद इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निगरानी कर रहे हैं।
इस तरह की आंतरिक हिंसक घटनाएं सुरक्षा बलों के मानसिक स्वास्थ्य और आपसी तालमेल पर गहरा असर डालती हैं। फिलहाल स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम घटनास्थल पर कैंप कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अचानक उपजे विवाद की असली वजह क्या थी।
