इराक से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी शुरू, मध्य पूर्व में बदले समीकरण | international news
इराक में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का एक लंबा अध्याय अब समाप्त होने की कगार पर है। देश के आखिरी सैन्य ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने जा रही है। इस कदम से मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव आने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका सीधा असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा।
साल 2003 में सद्दाम हुसैन की सत्ता को बेदखल करने के उद्देश्य से शुरू हुए इस सैन्य अभियान में अमेरिका को भारी जनधन की हानि उठानी पड़ी। दो दशकों से अधिक चले संघर्ष में करीब 4,500 अमेरिकी सैनिक मारे गए। हालांकि, इस वापसी को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर ब बंटी हुई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ईरान और उसके सहयोगी इसे अपनी ऐतिहासिक विजय के रूप में देख रहे हैं, जबकि स्थानीय सुन्नी और कुर्दिश समुदाय इस बात से चिंतित हैं कि विदेशी ताकतों के हटने से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय कमांडरों का यह भी मानना है कि अमेरिकी खुफिया तंत्र, ड्रोन सहायता और सैन्य समर्थन के हटने से इस्लामिक स्टेट के स्लीपर सेल एक बार फिर सक्रिय हो सकते हैं। इराक की आंतरिक सुरक्षा के लिए यह एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि देश अभी पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से अपनी सुरक्षा संभालने में सक्षम नहीं माना जा रहा है।
