डोनाल्ड ट्रंप के समझौते वाले दस्तावेज में अमेरिका की स्पेलिंग गलत | international news
वाइट हाउस में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को सुरक्षित तरीके से विकसित करने और इसके संभावित जोखिमों से निपटने को लेकर सहमति बनी। बैठक में गूगल, मेटा, ओपनएआई और एनवीडिया जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
समझौते के दौरान उस वक्त एक दिलचस्प वाकया सामने आया जब आधिकारिक दस्तावेजों में अमेरिका के नाम की स्पेलिंग गलत पाई गई। दस्तावेज पर ‘President of the Unites States’ छपा हुआ था, जबकि सही शब्द ‘United States’ होना चाहिए था। इस छोटी सी टाइपिंग त्रुटि ने तुरंत सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया और इंटरनेट पर इस पर तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
इस त्रुटि के बावजूद बैठक का मुख्य एजेंडा एआई सुरक्षा और उसके भविष्य के नियमों पर केंद्रित रहा। टेक दिग्गजों ने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति और सुरक्षा एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि इन्हें साथ मिलकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। भविष्य में इस प्रकार के समझौतों से जनता के बीच तकनीक को लेकर भरोसा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
