उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सपा के दांव से उलझा सियासी समीकरण | uttar pradesh news
उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बहाने एक बार फिर से सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाकर सत्ताधारी दल के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इस अप्रत्याशित कदम से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदलते नजर आ रहे हैं।
विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला तय माना जा रहा है। सपा के इस ट्रंप कार्ड के बाद अब राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या सत्ता पक्ष अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए आठवां उम्मीदवार उतारेगा या नहीं। जानकारों का मानना है कि इस उठापटक का सीधा असर आगामी राजनीतिक समीकरणों और दलों के भीतर एकजुटता पर पड़ेगा, जिससे आम जनता के बीच भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।
संख्या बल के गणित की बात करें तो सूबे में विधायकों के समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर जोड़-तोड़ का खेल शुरू हो गया है। राजनीतिक दलों के भीतर रणनीतिक बैठकें और मुलाकातों का दौर लगातार जारी है। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट होगी कि किस दल को बढ़त मिलती है और किसे मात खानी पड़ती है।
