मथुरा में ‘ऑपरेशन बजरंग’: 13 थानों की पुलिस ने दबोचे 34 साइबर ठग, Mathura cyber fraud पर बड़ी कार्रवाई
मथुरा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन बजरंग’ में बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार सुबह 5 बजे, 13 थानों के लगभग 250 पुलिसकर्मियों ने शेरगढ़ क्षेत्र के जंघावली और विशंभरा गांवों में ताबड़तोड़ दबिश दी। इस व्यापक अभियान में 34 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 45 आरोपी खेतों के रास्ते भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने मौके से 18 फर्जी आधार कार्ड, 37 मोबाइल फोन, चार बाइक और एक कार बरामद की है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ साइबर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, जो क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में एएसपी, चार सीओ और पीएसी बल के जवानों ने इन गांवों की घेराबंदी की। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस टीमों ने करीब पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें 85 घरों में दबिश दी गई। कुछ घरों में महिलाओं ने विरोध किया, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने समझा-बुझाकर शांत किया। छतों से कूदकर भागे आरोपियों का पीछा भी किया गया, लेकिन वे घने खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गए।
फरार हुए 46 शातिरों की तलाश में चार पुलिस टीमें हरियाणा और राजस्थान सहित संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार किए गए 34 आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीमों ने सोमवार को गांवों के बाहर जंगल में भी शातिरों के ठिकानों की तलाश की। इस दौरान पता चला कि जंघावली के पास एक खंडहर धर्मशाला में बैठकर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
यह कार्रवाई जनपद में साइबर ठगी करने वालों पर पुलिस की लगातार दबिश का हिस्सा है। इससे पहले 11 दिसंबर को गोवर्धन क्षेत्र के चार गांवों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। पुलिस का यह अभियान साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और आम जनता को ठगी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
