कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की छात्राएं करेंगी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक, ‘UP education news’ में नई पहल
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है जिसके तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की छात्राएं सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता फैलाएंगी। आगामी गर्मी की छुट्टियों में ये बालिकाएं नुक्कड़ नाटकों का मंचन कर स्कूली बच्चियों और समाज को प्रेरक संदेश देंगी। इस अभियान का मुख्य फोकस दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक कुरीतियों पर रहेगा, जो समाज के विकास में बाधक हैं।
इस पहल का दोहरा उद्देश्य है। एक ओर जहां यह बालिकाओं को सामाजिक रूप से जागरूक करेगा, वहीं दूसरी ओर उनमें टीम वर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास भी करेगा। विभाग का मानना है कि ये बालिकाएं भविष्य में समाज और राष्ट्र की नेतृत्वकारी भूमिका निभाकर विकास की नई राहें खोलेंगी। यह ‘UP education news’ में एक सराहनीय कदम है जो शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देता है।
प्रदेश के सभी 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से लगभग 68,000 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। वार्षिक परीक्षाओं के बाद इन्हें नुक्कड़ नाटकों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पिछले वर्ष भी कस्तूरबा की बालिकाओं ने ‘मिशन शक्ति’ के तहत ऐसे ही नाटकों का मंचन कर आत्मविश्वास और जागरूकता लाने का प्रयास किया था, जिसकी सफलता को देखते हुए इस बार इसे वृहद पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।
कुरीतियों के खिलाफ सशक्त संदेश
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से KGBV की बालिकाएं समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करेंगी। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए यह स्पष्ट किया जाएगा कि बेटियों का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में। बाल विवाह के खिलाफ प्रस्तुतियों में यह बात प्रमुखता से उठाई जाएगी कि नाबालिग विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य में भी बाधा डालता है। बाल श्रम पर आधारित नाटक यह रेखांकित करेंगे कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। पुलिस, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के साथ संवाद से बालिकाओं में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी।
