सीएसए विवि की नई Tomato Farming Technique को राष्ट्रीय मान्यता, यूपी के किसानों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) ने टमाटर उत्पादन की एक नई और प्रभावी तकनीक विकसित की है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल गई है। हैदराबाद में आयोजित 44वीं वार्षिक समूह बैठक में इस Tomato Farming Technique को प्रदर्शित किया गया और इसकी सराहना की गई। यह उपलब्धि राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे टमाटर उत्पादक किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
शोध और विकास
यह उन्नत तकनीक सीएसए के शाकभाजी अनुभाग के सस्य वैज्ञानिक डॉ. राजीव द्वारा पिछले तीन वर्षों के गहन अनुसंधान और परीक्षणों के बाद विकसित की गई है। उन्होंने कल्याणपुर में रबी मौसम के दौरान ‘काशी अमन’ प्रजाति के टमाटर पर अपना शोध केंद्रित किया। इस दौरान, टमाटर में वृद्धि नियामकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों के विभिन्न संयोजनों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया ताकि अधिकतम उपज और गुणवत्ता प्राप्त की जा सके।
किसानों के लिए आर्थिक लाभ
डॉ. राजीव के आर्थिक विश्लेषण के अनुसार, इस तकनीक से किसानों को प्रति हेक्टेयर 4,02,573 रुपये का अधिकतम शुद्ध लाभ प्राप्त हो सकता है, जबकि लाभ-लागत अनुपात 4.39 रहा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि टमाटर की फसल में अधिक उपज और बेहतर आर्थिक लाभ के लिए वे फसल रोपाई के 30 और 45 दिन पर जिब्रेलिक अम्ल 50 पीपीएम और सूक्ष्म पोषक तत्व मिश्रण @ 0.5 फीसदी का छिड़काव करें। यह तकनीक उत्तर प्रदेश सहित उन सभी क्षेत्रों के टमाटर उत्पादक किसानों के लिए अनुशंसित की गई है, जहाँ समान कृषि-जलवायु परिस्थितियाँ मौजूद हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति के. विजयेंद्र पांडियन ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए वैज्ञानिक दल को बधाई दी है, जो कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
