ब्रिटेन के इस प्रतिष्ठित स्कूल ने क्लासरूम से हटाए लैपटॉप, वापस लौटी कागज-कलम की पढ़ाई | international education news
डिजिटल शिक्षा के इस दौर में जहां हर कोई बच्चों के हाथों में टैबलेट और लैपटॉप थमाने की होड़ में था, वहीं अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ब्रिटेन के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों में से एक विंचेस्टर कॉलेज ने अपनी कक्षाओं से लैपटॉप का इस्तेमाल लगभग बंद कर दिया है। स्कूल प्रशासन का मानना है कि स्क्रीन आधारित पढ़ाई से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटक रहा था और वे अनावश्यक गतिविधियों में व्यस्त हो जाते थे।
स्कूल की पहली महिला हेडमास्टर एलिजाबेथ स्टोन के अनुसार, सुबह की कक्षाओं में पढ़ाई की बजाय ईमेल और सोशल मीडिया मैसेज चेक करने का चलन बढ़ गया था। लैपटॉप हटाने के बाद छात्रों के व्यवहार और परीक्षा परिणामों में सकारात्मक बदलाव दर्ज किया गया है। साल 2026 की परीक्षाओं में अधिक छात्रों ने उत्कृष्ट ग्रेड हासिल किए हैं। साथ ही, बच्चों के पास अब खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों के लिए अधिक समय बच रहा है।
यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी प्रगति के बावजूद पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों और हाथ से लिखने का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। इस पहल के बाद अब शिक्षा जगत में यह बहस तेज हो गई है कि क्या अन्य स्कूलों को भी छात्रों के मानसिक विकास के लिए स्क्रीन के प्रयोग को सीमित करना चाहिए।
