राजकोट में सिर पर आग रखकर अनोखा गरबा, देखकर थम जाएंगी सांसें | rajkot garba tradition
गुजरात के राजकोट में नवरात्रि का पर्व अपनी एक खास और रोमांचक परंपरा के कारण सुर्खियों में रहता है। शहर के बजरंग गरबी मंडल में आयोजित होने वाला यह गरबा आम आयोजनों से बिल्कुल अलग है, जहां बालिकाएं अपनी हथेलियों में मशाल और सिर पर आग से घिरा बर्तन रखकर मां दुर्गा की स्तुति करती हैं। इस खतरनाक दिखने वाली प्रस्तुति को देखने वालों की सांसें थम जाती हैं, क्योंकि आग और माथे के बीच केवल एक कपड़े की सुरक्षित परत होती है।
यह अनूठी परंपरा पिछले 19 सालों से लगातार निभाई जा रही है। नवरात्रि के विशेष दिनों यानी तीसरे, छठे और नौवें दिन होने वाले इस आयोजन में केवल छह प्रशिक्षित बालिकाओं को ही भाग लेने का मौका मिलता है। परफेक्ट तालमेल और संतुलन के लिए इन कलाकारों को कई दिनों तक कठोर अभ्यास कराया जाता है। आयोजकों का दावा है कि मंच पर हमेशा चाक-चौबंद फायर सेफ्टी के इंतजाम रहते हैं और अब तक किसी अनहोनी घटना से बचाव रहा है, जिसे वे माता रानी का आशीर्वाद मानते हैं।
आधुनिक डीजे और कमर्शियल गरबे के दौर के बीच यह प्राचीन परंपरा समाज में आस्था और अटूट विश्वास की मिसाल पेश करती है। कलाकारों का मानना है कि नृत्य के दौरान उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं होता, बल्कि उन्हें मां नवदुर्गा की दिव्य उपस्थिति का अहसास होता है, जो उन्हें हर मुश्किल काम को करने की शक्ति देता है।
