लखनऊ में बिजली कटौती से हाहाकार, गुस्साए उपभोक्ताओं ने तोड़ा LESA कार्यालय का गेट (Lucknow power cut)
राजधानी लखनऊ में प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। लगातार पांचवें दिन करीब 13 हजार घरों और दुकानों की बिजली गुल होने से आक्रोशित भीड़ ने बिजली कार्यालयों पर धावा बोल दिया। सबसे गंभीर स्थिति बर्लिंगटन चौराहा स्थित ओल्ड 1912 कार्यालय पर रही, जहां 500 से 5000 रुपये तक के मामूली बकाया होने पर कनेक्शन काट दिए गए थे।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिल जमा करने के घंटों बाद भी ऑटोमेटिक सिस्टम से बिजली बहाल नहीं हुई। जब परेशान उपभोक्ता शिकायत लेकर लेसा के जोनल कार्यालयों पर पहुंचे, तो अधिकारियों की बेरुखी ने आग में घी का काम किया। इससे नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया।
बर्लिंगटन चौराहा स्थित कार्यालय में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कर्मचारियों ने मेन गेट बंद करना चाहा। आक्रोशित भीड़ ने धक्का देकर गेट तोड़ दिया और अधिकारियों के कमरों में घुसने का प्रयास करने लगी। कर्मचारियों और आम लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। पुलिसकर्मियों ने उग्र भीड़ को शांत कराने की कोशिश की।
बिजली न आने से घरों में पानी का गहरा संकट पैदा हो गया, क्योंकि पानी की मोटर नहीं चल सकी। वहीं, रसोई गैस की किल्लत के चलते जो लोग इंडक्शन चूल्हे पर निर्भर थे, बिजली न होने से उनके घरों में खाना तक नहीं बन सका। उपभोक्ताओं ने बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के कनेक्शन काटने और बिल जमा करने के बावजूद ऑटोमेटिक कनेक्शन न जोड़ने का आरोप लगाया।
लेसा के चारों जोन में लगभग 13 हजार प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन (बैलेंस माइनस होने के कारण) काटे गए थे। लखनऊ सेंट्रल में 5157, गोमतीनगर में 2509, जानकीपुरम में 2728 और अमौसी जोन में 2849 कनेक्शन काटे गए। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिल जमा करने के बाद भी 1912 पर कोई सुनवाई नहीं हुई और अतिरिक्त पैसे जमा करने के बाद ही देर रात सप्लाई बहाल हुई।
