संयुक्त राष्ट्र की कार्यशैली पर ईरान का तंज, ‘शोले’ के ठाकुर वाले मीम से साधा निशाना | international news
वर्तमान समय में वैश्विक कूटनीति के बीच अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराने का एक नया दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में, भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लोकप्रिय फिल्म के दृश्य का उपयोग करते हुए संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर तीखा तंज कसा है। इस तंज के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने में संस्था की विफलता को रेखांकित किया गया है।
ईरानी दूतावास द्वारा साझा किए गए इस मीम में एक तुलनात्मक दृष्टिकोण दिखाया गया है। एक तरफ मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के सुपरहीरो डॉक्टर स्ट्रेंज की कई हाथों वाली तस्वीर का इस्तेमाल कर इसे ‘किताबों में संयुक्त राष्ट्र’ बताया गया है, जो हर समस्या का समाधान करने में सक्षम प्रतीत होता है। वहीं दूसरी तरफ, 1975 की प्रसिद्ध हिंदी फिल्म ‘शोले’ के पात्र ठाकुर बलदेव सिंह, जिनके दोनों हाथ कटे हुए हैं, की तस्वीर लगाकर उसे ‘हकीकत में संयुक्त राष्ट्र’ करार दिया गया है। इस प्रकार की व्यंग्यात्मक प्रस्तुति से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है किताबी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संघर्षों और युद्ध जैसे हालातों के बीच अंतरराष्ट्रीय संगठनों की निष्क्रियता आम जनता को प्रभावित करती है। जब महाशक्तियों के टकराव में आम नागरिकों का जीवन दांव पर लगता है, तब ऐसे मंचों की लाचारी और अधिक स्पष्ट हो जाती है। इस प्रकार के रचनात्मक कटाक्ष जनता का ध्यान वैश्विक राजनीति की विसंगतियों की ओर आकर्षित करते हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब ईरान ने कूटनीतिक संदेश देने के लिए पॉप कल्चर या मीम्स का सहारा लिया हो। पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखने के लिए सोशल मीडिया का आक्रामक उपयोग किया जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।
