लखनऊ: पेंशन के लालच में अंधा हुआ भतीजा, दादी के सामने चाचा को सीने में मारी गोली
लखनऊ के दुबग्गा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक भतीजे और पोते ने मिलकर अपने 50 वर्षीय अंधे चाचा वीरेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात शुक्रवार शाम को हुई और इसका मुख्य कारण मां की पेंशन के पैसे थे।
वीरेंद्र जन्म से ही दृष्टिबाधित थे और अपनी मां अशोका के साथ रहते थे। उनके पिता की मृत्यु के बाद मां को रेलवे से पेंशन मिलती थी। परिवार के अन्य सदस्य, जो कोई काम नहीं करते थे, उस पेंशन पर निर्भर थे। वीरेंद्र के मां के साथ रहने के कारण परिवार के अन्य सदस्य उनसे नाराज रहते थे और उन्हें परेशान करते थे।
उत्पीड़न से तंग आकर मां अशोका अपने बेटे वीरेंद्र को लेकर दुबग्गा के अपने मायके चली गई थीं। इसके बावजूद, भतीजा और पोता उन्हें वापस बुलाने और पेंशन के पैसे देने के लिए दबाव बना रहे थे। जब मां ने मना कर दिया, तो वे गुस्से में आ गए।
शुक्रवार को भतीजा जितेंद्र और पोता चिराग बाइक से वहां पहुंचे जहां वीरेंद्र अपने मामा के घर के बाहर बैठे थे। उन्होंने वीरेंद्र की मां से साथ चलने को कहा, लेकिन वीरेंद्र ने मना कर दिया। इसी बात पर दोनों ने वीरेंद्र के सीने पर गोली मार दी। वीरेंद्र मौके पर ही दम तोड़ दिया।
गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी भतीजे जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। पोते चिराग की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पूरी तरह से पेंशन के लालच में की गई थी।
