यूपी शिक्षक निर्वाचन में बड़ा ‘खेल’! हजारों शिक्षकों के नाम गायब, संघ ने की शिकायत
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने विधान परिषद शिक्षक खंड निर्वाचन–2026 के लिए प्रकाशित मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल और प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि इस बार जारी मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई है, जिससे हजारों शिक्षक मताधिकार से वंचित होने की कगार पर हैं।
शिक्षक नेताओं के अनुसार, शिक्षकों द्वारा जमा किए गए आवेदन पत्रों में से केवल 40 प्रतिशत नाम ही सूची में शामिल किए गए हैं। शेष 60 फीसदी आवेदनों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। कई शिक्षकों के नाम उनके कार्यस्थल के विद्यालयों में दर्ज नहीं किए गए, बल्कि मूल निवास स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे वे मतदान से वंचित हो सकते हैं।
संघ ने आरोप लगाया है कि मतदाता सत्यापन और प्रमाणन का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। पूर्व उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने जारी सूची को अब तक की सबसे अव्यवस्थित सूची बताते हुए कई उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि राम सिंहासन किसान इंटर कॉलेज, दुबहर बलिया के 20 कार्यरत शिक्षकों और दो अवकाश प्राप्त शिक्षकों ने फार्म जमा किया था, मगर सूची में केवल दो अवकाश प्राप्त शिक्षकों के नाम ही शामिल हैं।
इसी तरह, नगरा क्षेत्र के जनता इंटर कॉलेज के 27 शिक्षकों में से केवल एक प्रधानाचार्य का नाम सूची में है। संघ के नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि मतदाता सूची की तत्काल समीक्षा की जाए और जिन योग्य शिक्षकों के नाम छूट गए हैं, उन्हें तुरंत शामिल किया जाए।
