गोवा हादसे के बाद लखनऊ में बड़ा खुलासा: 50% नाइट क्लबों में ‘फायर सेफ्टी’ फेल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
लखनऊ के नाइट क्लबों में आग से बचाव के इंतजामों की कमी पाई गई है। दमकल विभाग और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने निरीक्षण में पाया कि लगभग आधे क्लबों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है। यह रिपोर्ट सरकारी निरीक्षण के बाद सामने आई है, जो गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से हुए बड़े हादसे के बाद शुरू हुई थी।
रविवार को दमकल विभाग और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने राजधानी के विभिन्न क्लबों, बार और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच में कई चौंकाने वाली कमियां सामने आईं। करीब पचास प्रतिशत क्लबों में आग से बचाव के उपकरण या तो उपलब्ध नहीं मिले या खराब हालत में पाए गए। कई स्थानों पर फायर एग्जिट तक नहीं थे, और जहां थे भी, वहां सामान रखे होने से उनका उपयोग संभव नहीं था।
निरीक्षण टीमों ने पाया कि कई क्लबों में साउंडप्रूफिंग के लिए खिड़कियां तक बंद कर दी गई हैं, जिससे आग लगने की स्थिति में धुआं बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं रहता। विशेषज्ञों के अनुसार यह अत्यंत खतरनाक स्थिति है, जो किसी भी दुर्घटना को बड़ा रूप दे सकती है। अधिकारियों ने बार संचालकों को निर्देश दिए कि सभी उपकरणों को दुरुस्त रखें और फायर एग्जिट हमेशा खाली रखें।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अंकुश मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पचास प्रतिशत क्लबों में गंभीर कमियां मिली हैं। उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी किए जाएंगे और नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रशासन का कहना है कि राजधानी के सभी बार, क्लब और रेस्टोरेंट में यह अभियान जारी रहेगा ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
