झरिया की आग पर कोयला सचिव चिंतित, खनन को बताया खतरनाक
भारत सरकार के कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने गुरुवार को धनबाद स्थित कुसुंडा क्षेत्र के ऐना फायर साइट का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने फायर-कंट्रोल गतिविधियों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया और आग की भयावहता को नजदीक से देखा।
स्थिति का जायजा लेने के बाद कोयला सचिव ने कहा कि झरिया क्षेत्र में खनन कार्य अत्यंत खतरनाक है और इस दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सचिव विक्रम देव दत्त ने इस बात पर जोर दिया कि झरिया कोलफील्ड को सुरक्षित रखने और कोकिंग कोल के निर्बाध उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न फायर-मिटिगेशन रणनीतियों पर गंभीरता से काम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप हैं, जिसके तहत सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सतत कोयला संचालन देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास की आधारशिला माने जाते हैं।
कोयला सचिव विक्रम देव दत्त गुरुवार शाम दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे थे। उनके साथ कोयला मंत्रालय के अवर सचिव और कोल इंडिया के चेयरमैन सनोज कुमार झा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक मानव संसाधन मुरली कृष्णा रामैया, निदेशक तकनीकी-आपरेशन संजय कुमार सिंह, निदेशक तकनीकी-योजना एवं परियोजना नीलाद्रि राय सहित बीसीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह दो दिवसीय दौरा कोयला मंत्रालय की सुरक्षा, पर्यावरणीय दायित्वों और देश के महत्वपूर्ण कोयला क्षेत्रों में दीर्घकालिक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। अपने दौरे के दूसरे दिन कोल सचिव बेलगढ़िया के विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन करेंगे और बीसीसीएल अधिकारियों के साथ कोयला उत्पादन एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा बैठक करेंगे।
कोयला सचिव और कोल इंडिया चेयरमैन शाम को दुर्गापुर एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहाँ बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और ईसीएल के सीएमडी सतीश चंद्र झा ने निदेशकमंडली के साथ उनका स्वागत किया। वे शुक्रवार को दिल्ली लौटेंगे।
