धनबाद की लाइफलाइन गया पुल अंडरपास का चौड़ीकरण शुरू, जाम से मिलेगी मुक्ति
धनबाद शहर की महत्वपूर्ण जीवनरेखा कहे जाने वाले गया पुल अंडरपास के बहुप्रतीक्षित चौड़ीकरण का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। इस परियोजना के पूरा होने से शहरवासियों को यातायात जाम की समस्या से स्थायी निजात मिलने की उम्मीद है। कार्य का जिम्मा शीला कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है। निर्माण स्थल पर कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है, जिसके कारण वर्तमान में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने स्वयं निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से कार्य की वर्तमान स्थिति और प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि गया पुल अंडरपास धनबाद की लाइफलाइन है और इसके चौड़ीकरण से शहरवासियों की दशकों पुरानी समस्या का समाधान होगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, हालांकि कार्य में तेजी लाकर इसे निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस परियोजना में पेयजल, विद्युत, पथ निर्माण, नगर निगम, रेलवे और भारत संचार निगम लिमिटेड सहित कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। यह कार्य इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंडरपास के ऊपर से देश के विभिन्न शहरों के लिए कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय पर अपने-अपने हिस्से का कार्य पूरा करें ताकि अंडरपास के चौड़ीकरण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्माण के दौरान एक यूटिलिटी कॉरिडोर बनाने का भी प्रस्ताव दिया, जिससे भविष्य में पानी, सीवेज, गैस पाइपलाइन और फुटपाथ जैसी सुविधाओं के लिए कोई समस्या न हो।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसके लिए विभाग द्वारा राशि आवंटित कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, शिफ्टिंग कार्य के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये अलग से खर्च होंगे। निर्माण कंपनी द्वारा रेलवे गोदाम को हटाकर कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के साथ निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, डीटीओ दिवाकर सी द्विवेदी, आरसीडी के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार, डीएसपी ट्रैफिक अरविंद कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त प्रसून कौशिक, पीएचइडी 1 के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार, पूर्व मध्य रेलवे के सहायक अभियंता ओम प्रकाश सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर मनीष कुमार, अतुल कुमार, जूनियर इंजीनियर विपिन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
