लखनऊ में ऑटो गैंग का पर्दाफाश: बंद घरों को बनाते थे निशाना, लाखों का माल बरामद
लखनऊ के इंदिरानगर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ऑटो से घूम-घूमकर बंद घरों की रेकी करता था और फिर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो सभी पेशे से ऑटो चालक हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी का लाखों रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें लैपटॉप, विदेशी मुद्रा, सोने के सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान विकास निगम, नीरज वर्मा, मोहित अवस्थी उर्फ कालिया और संजय कश्यप के रूप में हुई है। ये चारों ऑटो चलाने की आड़ में अपने शिकार की तलाश करते थे। उनका मुख्य उद्देश्य नशे और मौजमस्ती के लिए पैसे जुटाना था।
गिरोह ने हाल ही में इंदिरानगर में दो बड़ी चोरियों को अंजाम दिया था। पहली घटना में, यमन निवासी लविवि छात्र अब्दुल अजीज अहमद मो. के किराए के घर से भारतीय और विदेशी मुद्रा, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ था। दूसरी घटना में, रमेश कुमार के इंवस्टीगेशन कार्यालय से तीन लैपटॉप और मोबाइल चोरी हुए थे।
दोनों वारदातों में चोरों की हरकतें सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थीं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के 150 से अधिक कैमरों के फुटेज खंगाले, जिससे उन्हें चोरों के ऑटो का सुराग मिला। फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और बुधवार रात चारों आरोपितों को धर दबोचा। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, जिसने क्षेत्र में हो रही चोरी की वारदातों पर लगाम लगाई है।
