एलडीए ई-ऑक्शन में बंपर कमाई: 28 लाख का प्लॉट डेढ़ करोड़ में, जमीनों की ऊंची बोली
लखनऊ में जमीन खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए खुशखबरी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ई-नीलामी में भूखंडों की जबरदस्त बिक्री हुई है, जिससे प्राधिकरण को बंपर कमाई हुई है। सूत्रों के अनुसार, गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-पांच में 28 लाख रुपये का 75 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड आश्चर्यजनक रूप से डेढ़ करोड़ रुपये में बिका।
इसी तरह, सेक्टर-छह में 72 लाख 99 हजार रुपये का 200 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड दो करोड़ 99 लाख रुपये में बिका। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इसी सेक्टर में 4647 वर्गमीटर का ग्रुप हाउसिंग भूखंड बोली लगकर 47 करोड़ रुपये में बिका, जबकि इसकी आरक्षित दर 34 करोड़ रुपये थी।
इस शानदार सफलता के पीछे का कारण यह है कि राजधानी में जमीन खरीदने के लिए लोग संपत्ति की तय कीमत से तीन गुना से अधिक मूल्य चुकाने को तैयार हैं। यही वजह है कि एलडीए ई-ऑक्शन में 490 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियां बेची गईं। एलडीए ने लैंड आडिट और ड्रोन सर्वे के माध्यम से कई ऐसी संपत्तियां चिह्नित की थीं, जिन पर अवैध कब्जे थे। इन सभी संपत्तियों को खाली कराकर ई-ऑक्शन में शामिल किया गया था।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-पांच व छह के 95 आवासीय और सात व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी की गई थी। ई-ऑक्शन में इन भूखंडों की भारी मांग रही और इनमें से 88 भूखंड दो से तीन गुना अधिक कीमत पर बिके। उन्होंने बताया कि ई-आक्शन में बोली लगाने वाले सभी सफल आवंटियों को जल्द ही आवंटन पत्र निर्गत किए जाएंगे। आवंटियों द्वारा इन संपत्तियों पर जो भी प्रोजेक्ट लाए जाएंगे, उसके लिए मानचित्र आदि स्वीकृत करने की सभी कार्रवाई सिंगल विंडो सिस्टम के तहत की जाएगी।
अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि ई-नीलामी में कुल 132 संपत्तियों की बिक्री हुई है। कानपुर रोड योजना के सेक्टर-आइ में 905 वर्गमीटर क्षेत्रफल के व्यावसायिक भूखंड पर रिकॉर्ड बोली लगी। 7.44 करोड़ रुपये कीमत का यह भूखंड 20.88 करोड़ रुपये में बिका। गोमती नगर विस्तार में सेक्टर-पांच में 162 वर्गमीटर का व्यावसायिक भूखंड 1.57 करोड़ से बढ़कर 4.10 करोड़ रुपये में बिका। बसंतकुंज योजना व ट्रांसपोर्ट नगर की संपत्तियां भी 25 से 30 प्रतिशत की बढ़त पर बिकीं।
एलडीए की इस सफलता से खाली खजाने को भरने में मदद मिली है। इसके साथ ही, प्राधिकरण 450 दुकानों की पहली बार ई-नीलामी करने की योजना बना रहा है, जिससे 47 साल पुरानी व्यवस्था में बदलाव आएगा। इस कदम से लखनऊ में संपत्ति खरीदने के इच्छुक लोगों को और अधिक अवसर मिलने की संभावना है।
