UPPCL: बिजली विभाग का 2700 करोड़ रुपये बकाया, कई उपभोक्ताओं ने जमा नहीं किया बिल
लखनऊ में बिजली विभाग 38 लाख उपभोक्ताओं से बकाया वसूली में बेबस नजर आ रहा है, जिन पर 2700 करोड़ रुपये बकाया है। सूत्रों के अनुसार, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के 19 जिलों में कुल एक करोड़ उपभोक्ता हैं, जिनमें से 18 लाख ऐसे हैं जिन्होंने कभी बिल जमा नहीं किया, इन्हें ‘नेवर पेड’ उपभोक्ता कहा जाता है। वहीं, 20 लाख ऐसे हैं जिन्होंने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है, इन्हें ‘लांग अनपेड’ उपभोक्ता कहा जाता है।
विभाग ने बकाया वसूली के लिए अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने सभी 19 जिलों के अभियंताओं को डिफाल्टरों से बिल वसूलने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे उपभोक्ताओं की सूची बनाकर डोर टू डोर संपर्क करने के लिए कहा गया है।
एकमुश्त समाधान योजना (OTS) से बकाया राशि की वसूली में मदद मिलने की उम्मीद है। यह योजना 1 दिसंबर 2025 से लागू होगी। इस योजना के तहत, उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने पर छूट मिलेगी। पहले चरण (1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025) में पंजीकरण कराने पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी, दूसरे चरण (1 जनवरी से 31 जनवरी 2026) में 20 प्रतिशत और तीसरे चरण (1 फरवरी से 28 फरवरी 2026) में 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं (2 किलोवाट तक) और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (1 किलोवाट तक) दोनों के लिए लागू होगी।
इस योजना में बिजली चोरी से संबंधित मामलों में भी राहत देने का प्रावधान है। ऐसे उपभोक्ता जिन पर राजस्व निर्धारण की धनराशि निर्धारित की गई है, वे 2000 रुपये या कुल धनराशि का 10 प्रतिशत (जो अधिक हो) जमा कर पंजीकरण कर सकते हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए सरकार ने मासिक किस्तों में भुगतान की व्यवस्था भी की है।
उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org, खंड/उपखंड कार्यालयों, जन सेवा केंद्र (सीएससी) या विभागीय कैश काउंटर के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार ने कहा कि सभी अभियंताओं को डिफाल्टरों की सूची देकर बिल वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए जागरूक कर रहा है ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।
