अलीगढ़ में मानव तस्करी का खुलासा, नौकरी का लालच देकर छत्तीसगढ़ से लाई जाती थीं बच्चियां
अलीगढ़ पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मुख्य सरगना प्रयागराज की एक महिला है, जो छत्तीसगढ़ के गरीब और बेसहारा परिवारों की बच्चियों को पढ़ाई और नौकरी का लालच देकर उत्तर प्रदेश लाती थी। इसके बाद उन्हें अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन बच्चियों को सुरक्षित भी निकाला है।
यह गिरोह करीब पांच सालों से सक्रिय था और इसके तार छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैले हुए थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह की सरगना बबीता उर्फ चाची छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में ऐसे परिवारों को निशाना बनाती थी जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हों। वह बच्चियों के परिजनों को अच्छी शिक्षा, नौकरी और घर पैसे भेजने का झूठा वादा कर उन्हें अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद वह उन बच्चियों को अलीगढ़ लाकर सुखाराम नामक व्यक्ति को सौंप देती थी, जो उन्हें स्थानीय खरीदारों को बेच देता था।
गिरफ्तार किए गए खरीदारों में विनोद, बबलू और ओमपाल शामिल हैं, जिन्होंने बच्चियों को पत्नी बनाने के उद्देश्य से खरीदा था। पुलिस ने पॉक्सो और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब एक 16 वर्षीय बच्ची ने किसी तरह एक मोबाइल से पुलिस को फोन कर अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उसे शादी के नाम पर बेच दिया गया है और बंधक बनाकर रखा गया है। इस कॉल के बाद पुलिस हरकत में आई और पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
