लखनऊ में साइबर ठगी (Lucknow cyber fraud) का बड़ा मामला, 5 लोगों से 7 लाख से ज्यादा की ठगी
लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए पांच लोगों को अपना शिकार बनाया है। इन सभी मामलों में जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से पीड़ितों के खातों से कुल 7 लाख 20 हजार रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। पीड़ितों में एक महिला भी शामिल है, जिसने ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार हुई। पुलिस ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
OTP फ्रॉड से कैशियर के खाते से लाखों पार
चौक
चौक इलाके के निवासी सुबोध अग्रवाल एक निजी फर्म में कैशियर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 जनवरी को वह दुकान पर थे, तभी उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। जब तक वह कुछ समझ पाते, उनके खाते से तीन बार में 2.61 लाख रुपये निकल गए। इतना ही नहीं, जालसाजों ने उनकी बेटी के खाते से भी 18 हजार रुपये निकाल लिए। सुबोध ने तुरंत बैंक को सूचित किया, लेकिन बैंक कर्मियों ने उन्हें पुलिस के पास भेज दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
फेक लिंक और ऑनलाइन बुकिंग से ठगी
शहर में ठगी के अन्य मामलों में, बंथरा के निवासी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि वह एसबीआई योनो ऐप इंस्टॉल कर रहे थे, तभी उन्हें एक कॉल आई। जालसाज ने खुद को बैंककर्मी बताकर समस्या हल करने के बहाने एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 1.90 लाख रुपये कट गए। इसी तरह, चिनहट की निवासी विनीता श्रीवास्तव ने पुरी (ओडिशा) में होटल बुकिंग के लिए ऑनलाइन सर्च किया। जालसाज ने होटल का कमरा बुक करने के नाम पर बुकिंग और जीएसटी समेत 76,020 रुपये ठग लिए।
अन्य मामलों में भी लाखों का नुकसान
गौतमपल्ली निवासी आदित्य यादव के खाते से 13 जनवरी को साइबर जालसाजों ने 1 लाख रुपये निकाल लिए। वहीं, गोमतीनगर विस्तार के रामकुमार राठौर को जालसाज ने दोस्त बनकर कॉल किया और फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर 75 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। इन सभी मामलों में पीड़ितों ने स्थानीय पुलिस स्टेशनों में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से इन मामलों की जांच शुरू कर दी है और लोगों को ऑनलाइन लेनदेन करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है।
