लखनऊ news: बैंक लॉकर से जेवर चोरी की शिकायत झूठी, पति ने मुथुट फाइनेंस से लिया था गोल्ड लोन
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक महिला द्वारा बैंक लॉकर से जेवर चोरी होने की शिकायत पर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। बबिता सिन्हा नामक महिला ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए 1.5 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में पता चला कि जेवर चोरी नहीं हुए थे, बल्कि महिला के पति ने ही उन्हें गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया था।
बबिता सिन्हा ने अपनी शिकायत में बताया था कि लॉकर उनके और उनके पति राजेश सिन्हा के संयुक्त नाम से था। पति की 2022 में मृत्यु के बाद, जब उन्होंने 12 जनवरी को लॉकर चेक किया तो जेवर गायब थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी।
अलीगंज पुलिस की जांच में सामने आया कि राजेश सिन्हा ही लॉकर का संचालन करते थे। उन्होंने 2017 से 2022 के बीच 17-18 बार लॉकर से जेवर निकाले। इन जेवरों को उन्होंने पुरनिया स्थित मुथुट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया था। इसमें 2018 में बेटी की पढ़ाई के लिए 5 लाख रुपये का लोन भी शामिल था।
जांच में पता चला कि राजेश सिन्हा ने समय पर लोन नहीं चुकाया। लोन की राशि जेवरों की कीमत से अधिक हो गई थी। मुथुट फाइनेंस ने नोटिस जारी करने के बाद जेवरों को जब्त कर लिया था। महिला को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। आरबीआई के हस्तक्षेप के बाद हुई इस जांच में जब महिला को सच्चाई बताई गई तो वह फूट-फूटकर रोने लगी।
