लखनऊ में काली थार गैंग का आतंक, लिफ्ट देकर लूटपाट की कई वारदातें (Lucknow crime news)
राजधानी लखनऊ में काली थार सवार बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लिफ्ट देने के बहाने लोगों को अगवा कर लूटने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे शहर में दहशत का माहौल है। बदमाशों का तरीका एक जैसा है: वे काली एसयूवी (थार) का इस्तेमाल करते हैं, यात्रियों को लिफ्ट देते हैं, फिर उन्हें बंधक बनाकर लूटपाट करते हैं और सुनसान जगह पर फेंक देते हैं।
सरोजनीनगर में लिफ्ट देकर लूटा
कानपुर के रावतपुर निवासी फिदा हुसैन मंगलवार सुबह कानपुर लौटने के लिए स्कूटर इंडिया चौराहे पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। एक काली एसयूवी उनके पास रुकी और कानपुर जाने का कहकर उन्हें बैठा लिया। गाड़ी में चालक समेत चार लोग थे। कुछ दूर चलने के बाद बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और बुरी तरह पीटा। उन्होंने फिदा हुसैन से 5400 रुपये नकद, मोबाइल फोन और ड्राइविंग लाइसेंस लूट लिए। इतना ही नहीं, बदमाशों ने जनसेवा केंद्र के माध्यम से उनके मोबाइल से गूगल पे खाते से करीब एक लाख रुपये भी निकलवा लिए। लूटपाट के बाद बदमाशों ने उन्हें कानपुर के रनियां इलाके में सुनसान रास्ते पर फेंक दिया।
शिक्षक को भी बनाया शिकार
चिनहट के हसन विहार कॉलोनी निवासी शिक्षक बलराम पटेल के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई। वह 30 जनवरी की सुबह कॉलेज जाने के लिए कमता में गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। एसयूवी सवार तीन लोगों ने उन्हें बहराइच छोड़ने के बहाने लिफ्ट दी। आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें बीबीडी इलाके में ले जाकर बंधक बना लिया, पीटा और मुंह बांध दिया। बदमाशों ने उनके जेब से 500 रुपये और मोबाइल छीन लिया। बाद में उन्हें किसानपथ से बीकेटी ले जाकर फेंक दिया। घटना के बाद से शिक्षक की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात थार सवार बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे पहले रविवार को भी हाइडिल चौराहे से एक टैंकर चालक को अगवा कर साठ हजार रुपये लूटने की वारदात सामने आई थी। इन सभी घटनाओं में काली एसयूवी का इस्तेमाल हुआ है। पुलिस इन वारदातों की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला है।
