0

‘स्वर्ण वैदेही’ मखाना: दरभंगा अनुसंधान केंद्र ने किसानों की आय दोगुनी कर कैसे बदली मिथिला की तस्वीर?

By Dec 10, 2025

मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर मखाना आज न केवल बिहार की पहचान बन चुका है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण सुपर फूड के रूप में स्थापित हो गया है। मखाना क्षेत्र में आए इस व्यापक परिवर्तन में राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण व केन्द्रीय भूमिका निभाई है।

28 फरवरी 2002 को स्थापित यह केंद्र विश्व का एकमात्र संस्थान है जो पूरी तरह मखाना अनुसंधान को समर्पित रहा है। निरंतर वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत तकनीकों के विकास और व्यापक किसान प्रशिक्षण के माध्यम से इसने पिछले 23 वर्षों में मखाना उत्पादन, उत्पादकता और इसके वैश्विक विस्तार को नई दिशा, नई गति और नई पहचान प्रदान की है। मई 2023 में इसे पुनः राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त होने से इसके कार्यों को और अधिक गति मिली है, साथ ही अनुसंधान का दायरा बढ़ाते हुए इसमें कमल, सिंघाड़ा, मछली और अन्य जलीय फसलों को भी शामिल किया गया है।

पौष्टिक तत्वों, औषधीय गुणों और बढ़ती उपभोक्ता जागरूकता के चलते मखाना आज विश्व स्तर पर स्वास्थ्यवर्धक सुपर फूड के रूप में स्थापित है। इसकी वैश्विक मांग बढ़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमतों में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। ज्ञात हो कि दुनिया के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बिहार के मिथिलांचल में ही होता है, जिससे यह फसल किसानों और उद्यमियों के लिए आमदनी बढ़ाने का एक स्वर्णिम अवसर बन गई है।

अनुसंधान केंद्र की उपलब्धियों ने इस बदलाव में निर्णायक भूमिका निभाई है। वर्ष 2013 में विकसित की गई मखाने की पहली उन्नत किस्म ‘स्वर्ण वैदेही’ ने उत्पादकता को लगभग दोगुना कर दिया। इसी प्रकार, तालाब आधारित पारंपरिक खेती के स्थान पर खेत प्रणाली से मखाना की खेती की शुरुआत ने मखाना उत्पादन को नई दिशा दी। कम जल-गहराई (1–1.5 फीट) में खेती की इस तकनीक ने उत्पादन में बड़ा बदलाव लाते हुए हजारों नए किसानों को इस फसल से जोड़ा।

केंद्र द्वारा विकसित क्रापिंग सिस्टम आधारित खेती, जिसमें एक ही खेत में वर्षभर में दो-तीन फसलें ली जा सकती हैं, ने भूमि उपयोग दक्षता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसके साथ ही मछली-सह-मखाना प्रणाली, पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा और वैज्ञानिक पैकेज आफ प्रैक्टिसेज ने उत्पादन और उत्पादकता के नए आयाम स्थापित किए हैं। इसी अवधि में केंद्र ने सिंघाड़ा की दो कांटारहित उन्नत किस्में ‘स्वर्ण हरित’ और ‘स्वर्ण लोहित’ विकसित कीं, जिनसे सिंघाड़ा की खेती सुरक्षित, आसान और नए क्षेत्रों में तेजी से विस्तारित हुई है।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

दरभंगा में ईएनटी विशेषज्ञों का महाकुंभ संपन्न, आधुनिक सर्जरी तकनीकों पर हुआ मंथन

बिहार एवं झारखंड क्षेत्र के ईएनटी विशेषज्ञों के तीन दिवसीय सम्मेलन का डीएमसीएच आडिटोरियम में समापन हुआ। सम्मेलन के दौरान कान, नाक व गला रोगों से जुड़ी आधुनिक सर्जरी तकनीकों, एंडोस्कोपिक सर्जरी, सुनने की मशीन,...
By Dec 10, 2025

सरकारी खरीद में देरी, बिचौलियों की चांदी: दरभंगा का 80% धान दूसरे राज्यों में बिक रहा

जिला प्रशासन हर साल सरकारी दर पर धान खरीद के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है। दरभंगा जिले में धान उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा दूसरे राज्यों में...
By Dec 10, 2025

दरभंगा की जूनियर वालीबॉल टीम का चयन, राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए 24 खिलाड़ियों का हुआ चुनाव

मोकामा मारवाड़ी हाई स्कूल परिसर में 8 से 10 दिसंबर तक आयोजित होने वाली जूनियर राज्यस्तरीय वालीबॉल प्रतियोगिता के लिए दरभंगा जिले की टीम का चयन प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिला वालीबॉल संघ द्वारा...
By Dec 10, 2025

ड्रेस के नाम पर बच्चों से वसूली का आरोप, दरभंगा में प्रधानाध्यापक के खिलाफ अभिभावकों का हंगामा

बिहार के दरभंगा जिले में स्थित स्वर्णलता लक्ष्मी नारायण खरगा मध्य विद्यालय में शनिवार को अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। बाकरगंज स्थित विद्यालय परिसर में अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक बच्चों...
By Dec 10, 2025

दरभंगा एयरपोर्ट पर हंगामा: इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से यात्री परेशान, जानें वजह

दरभंगा एयरपोर्ट पर एयर क्रू रोस्टिंग के चलते इंडिगो की दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की उड़ानें रद कर दी गईं। यह समस्या लगातार दूसरे दिन यानी शुक्रवार को भी जारी रही। इस वजह से दिल्ली,...
By Dec 10, 2025

दरभंगा एयरपोर्ट से सफर करना हुआ ‘सजा’, टिकट के दाम आसमान पर; यात्रियों की जेब पर पड़ रहा भारी बोझ

दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को टिकटों का बढ़ते दाम एक बार फिर चौंकाने लगा है। लगातार उड़ान संख्या में कमी आने की वजह से विभिन्न शहरों के टिकटों का दाम चरम...
By Dec 10, 2025

दरभंगा में कोचिंग शिक्षक की घिनौनी करतूत, छात्रा से दुष्कर्म कर छोड़ा बेहोश; इलाके में सनसनी

बिहार के दरभंगा जिले में एक दुष्कर्म की घटना से सब हैरान हैं। फेकला थाना क्षेत्र के एक निजी कोचिंग में एक किशोरी छात्रा से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। महिला थाना में...
By Dec 10, 2025

बिहार के किसानों के लिए नई राह: जलजमाव वाले खेतों में अब कौन सी फसल लाएगी खुशहाली?

जलवायु परिवर्तन के दौर में बारिश देर से आने से खेतों में जलजमाव एवं नमी की अधिकता से किसान रबी की खेती में पिछड़ गए हैं। दरभंगे जिले के अधिकांश किसानों के खेतों में अभी...
By Dec 10, 2025

साझा करें