AI से यूपी में क्रांति: राशन चोरी खत्म से इंसेफेलाइटिस पर लगाम तक, सीएम योगी ने गिनाए फायदे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक AI सम्मेलन में तकनीक को पारदर्शिता और सुशासन का सबसे बड़ा आधार बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि AI के उपयोग से उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पायदान तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने आठ साल पहले की स्थिति को याद करते हुए बताया कि उस समय राशन की चोरी चरम पर थी। तकनीक का सहारा लेकर की गई छापेमारी में 30 लाख फर्जी राशन कार्ड मिले। ई-पॉश मशीनों के इस्तेमाल के बाद अब राशन की चोरी शून्य हो गई है, जो तकनीक की पारदर्शिता का प्रमाण है।
भ्रष्टाचार पर चोट करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले पेंशन में भी बिचौलिए ‘कट’ लेते थे। आज डीबीटी और जनधन खातों के कारण 1.06 करोड़ विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को बिना किसी कटौती के सीधा लाभ मिल रहा है। तकनीक ने न केवल काम आसान किया है, बल्कि सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ाया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में AI की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि तकनीक और बेहतर सर्विलांस के कारण ही 38 जिलों में फैली इंसेफेलाइटिस को नियंत्रित किया जा सका है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को भी राष्ट्रीय औसत से नीचे लाया गया है, जिसे AI के प्रयोग से और कम करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिलों के डॉक्टरों को वर्चुअल आईसीयू और क्रिटिकल केयर के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। AI के माध्यम से अब इन स्वास्थ्य सुविधाओं को और भी सटीक और सुलभ बनाया जाएगा, जिससे आमजन को लाभ होगा।
