प्राइमरी शिक्षक समायोजन में अनियमितता: 37 शिकायतें आईं, जांच कमेटी करेगी फैसला
प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन में हुई भारी अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए शासन और डीएम विशाख जी ने जांच कमेटी गठित की है। इस कमेटी का नेतृत्व सीडीओ अजय जैन कर रहे हैं, जिसमें एडीएम सिविल सप्लाई और बीएसए भी शामिल हैं।
इस कमेटी का मुख्य कार्य शिकायतों की जांच करना और नियम विरुद्ध हुए समायोजन में सुधार करना है। शिक्षकों का आरोप है कि समायोजन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। नियमानुसार, शिक्षकों को खाली पदों पर उसी जोन में या नजदीकी जोन में समायोजित किया जाना चाहिए था, लेकिन कई शिक्षकों को उनके घर से 40 किलोमीटर दूर तक भेज दिया गया है।
इस समायोजन प्रक्रिया से न केवल शिक्षकों को परेशानी हो रही है, बल्कि संबंधित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। बीएसए कार्यालय में दर्जनों शिक्षकों ने समायोजन में भारी अनियमितताओं और खामियों को लेकर आपत्ति जताई है। शिक्षकों का कहना है कि यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों में वरिष्ठता, छात्र-शिक्षक अनुपात और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों में कई गलतियां थीं, जिनका सत्यापन किए बिना ही समायोजन कर दिया गया।
