लखनऊ विश्वविद्यालय में 21 पुस्तकों का विमोचन, नैतिक शिक्षा पर जोर
लखनऊ विश्वविद्यालय के मंथन कक्ष में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की ‘भारत बौद्धिक्स’ योजना के अंतर्गत 21 पुस्तकों का विमोचन संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कला, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों पर केंद्रित इन पुस्तकों का अनावरण किया। उन्होंने इस अवसर पर जोर देते हुए कहा कि केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा प्रदान नहीं कर सकती, बल्कि नैतिक मूल्यों का समावेश चरित्र निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री उपाध्याय ने रेखांकित किया कि भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर केंद्रित रही है। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों जैसे पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों के क्षरण का समाधान भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा में निहित है। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को आज विश्व स्तर पर अपनाया जा रहा है, जिससे भारत को ज्ञान का मार्गदर्शक बनना होगा।
‘भारत बौद्धिक्स’ परियोजना के बारे में बताते हुए प्रो. जयशंकर पांडेय ने कहा कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। इस परियोजना के तहत स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में ‘भारत बौद्धिक्स परीक्षा’ आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करना है।
