आगरा में नए होटल, अस्पताल और बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की राह खुली; TTZ अथॉरिटी का अहम फैसला
आगरा में विकास का पहिया एक बार फिर तेजी से घूमने की उम्मीद है। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) अथॉरिटी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उद्योगों को छोड़कर होटल, अस्पताल और बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स सहित सर्विस सेक्टर की अन्य सभी गतिविधियों को स्थापना की अनुमति (सीटीई) जारी करने का फैसला किया है। यह निर्णय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी उद्योग और सेवाओं की नई कैटेगरी के आधार पर लिया गया है।
इस फैसले से आगरा में पिछले डेढ़ वर्ष से थमे हुए विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर, 2024 को एक महत्वपूर्ण वाद में टीटीजेड क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना और विस्तार पर रोक लगा दी थी, जिससे न केवल औद्योगिक विकास रुका, बल्कि नए होटलों के निर्माण पर भी असर पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, सीपीसीबी ने उद्योगों और सेवाओं का वर्गीकरण रेड, ऑरेंज, ग्रीन, व्हाइट और ब्लू कैटेगरी में किया। इसके चलते उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) आगरा द्वारा होटल, अस्पताल और बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स को सीटीई जारी नहीं की जा रही थी।
टीटीजेड अथॉरिटी ने इस मामले में स्पष्टता के लिए यूपीपीसीबी को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में सीपीसीबी द्वारा जारी श्रेणियों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। यूपीपीसीबी के मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने टीटीजेड अथॉरिटी की बैठक में सुझाव दिया कि सीपीसीबी के वर्गीकरण के अनुसार, औद्योगिक गतिविधियों को छोड़कर अन्य अनिवार्य पर्यावरणीय सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को सीटीई प्रदान करने में कोई आपत्ति नहीं है।
अथॉरिटी की सदस्य सचिव एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए औद्योगिक गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन पर्यावरणीय सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को सीटीई जारी की जाएगी।
इस निर्णय का सीधा असर आगरा के रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा। क्रेडाई जैसे बिल्डरों के लंबित प्रोजेक्ट्स को भी अब आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कुछ प्रोजेक्ट्स को अनुमति जारी की गई थी, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया रुक गई थी। अब, एडीए के लंबित 34 मानचित्रों को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलेगी।
