दुराचार और पॉक्सो ऐक्ट में दोषी को 10 साल की कैद, 15 हजार जुर्माना
आगरा की विशेष अदालत ने पॉक्सो ऐक्ट के तहत एक गंभीर मामले में आरोपी राजाराम को 10 साल के कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अपहरण, दुराचार और पॉक्सो ऐक्ट के तहत सुनाया गया है। इस घटना का असर समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाता है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ऐक्ट संगीता कुमारी ने राजाराम को दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए छह गवाहों में पीड़िता की गवाही सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई। वादी ने न्यू आगरा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 22 सितंबर 2014 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री अपनी चचेरी बहन के साथ दयालबाग में जनकपुरी देखने गई थी। वहां आरोपी राजाराम ने उन्हें मेला घुमाने के बहाने नशीले लड्डू खिलाए, जिससे दोनों बेहोश हो गईं। इसके बाद आरोपी उन्हें राजस्थान के करौली जिले में ले गया।
आरोप है कि करौली में आरोपी ने पीड़िता को धमकी देकर उसके साथ दुराचार किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद करने के बाद उसका मेडिकल कराया और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने अपने बयानों में आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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