बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, UP विधानसभा में पार्टी की सदस्यता हुई जीरो
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश विधानसभा में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वह कैंसर से पीड़ित थे और गुरुग्राम के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से विधानसभा में बसपा की सदस्यता शून्य हो गई है। उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए थे।
उमाशंकर सिंह का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ था। सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया से पढ़ाई के दौरान वे छात्रसंघ महामंत्री चुने गए। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सदस्य और फिर 2012 में बसपा के टिकट पर रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। लगातार तीन बार विधायक चुने जाने के बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ी। हालांकि, विधायक रहते सरकारी ठेके लेने के आरोपों के चलते एक बार उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त भी कर दी गई थी, लेकिन अगले चुनावों में वे फिर जीतकर लौटे।
बसपा से जुड़े होने के बावजूद उमाशंकर सिंह के सभी दलों में अच्छे संबंध थे। उन्हें रसड़ा और बलिया क्षेत्र में गरीबों का मसीहा माना जाता था। गंभीर बीमारी के बावजूद उन्होंने लोगों से मिलना नहीं छोड़ा और उनकी समस्याओं का समाधान करते रहे। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
उमाशंकर सिंह ने अपनी सादगी और जनसेवा के दम पर एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने क्षेत्र में सामूहिक विवाह का आयोजन शुरू किया, जिसमें सैकड़ों बेटियों की शादी कराई गई। इसके अलावा, उन्होंने लोगों को धार्मिक यात्राओं पर भी भेजा, जिससे वे ‘हीरो’ बन गए। उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
कानपुर: IAS रिंकू सिंह ने लाइव सुनवाई कर कोर्ट को मजाक बताने पर SDM को तलब किया
यूपी में मॉनसून एक्टिव: आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, जानें मौसम का हाल
कानपुर में बिजली कटौती का फायदा उठाकर चोरों ने की चोरी, लाखों का माल पार
बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, मायावती से था खास रिश्ता
