आगरा कैंट स्टेशन पर पिटाई मामला संसद में गूंजा, रेल मंत्री ने RPF जवानों पर की कार्रवाई
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर (डीएसएम) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ आरपीएफ कर्मियों द्वारा की गई मारपीट का मामला अब संसद में भी गूंज उठा है। राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने इस घटना को उठाते हुए रेल मंत्री से जवाब मांगा था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में बताया कि इस गंभीर प्रकरण में आरपीएफ के दो सब-इंस्पेक्टरों सहित चार जवानों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना ने रेलवे परिचालन विभाग के कर्मचारियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया था। रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
घटना 12 जुलाई की सुबह आगरा कैंट स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस के आगमन के दौरान हुई थी। एक महिला यात्री के सामान लेने के लिए ट्रेन से उतरने और ट्रेन के चलने पर गार्ड द्वारा उसे रुकवाने के प्रयास के बाद आरपीएफ ने महिला यात्री को रोका। डीएसएम के हस्तक्षेप के बाद आरपीएफ कर्मियों ने उन्हें ही पीटना शुरू कर दिया।
इस घटना की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति ने अब तक 24 अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। समिति जल्द ही महिला यात्री का बयान भी दर्ज करेगी और इस माह के अंत तक जांच पूरी होने की उम्मीद है। इस जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
