उन्नाव निर्माण फर्म पर GST का छापा, 1.56 करोड़ टैक्स चोरी का खुलासा, मौके पर जमा हुए 1.56 करोड़
उन्नाव में एक निर्माण सेवा प्रदाता फर्म के दो प्रतिष्ठानों पर राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) की एसआईबी शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। दो दिन तक चली गहन जांच में फर्म द्वारा करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का पर्दाफाश हुआ। इस खुलासे के बाद, फर्म के संचालक ने मौके पर ही 1.56 करोड़ रुपये जमा कर दिए, जिससे इस मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकारी विभागों के साथ धोखाधड़ी
अपर आयुक्त, ग्रेड-वन सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) प्रशांत कुमार और संयुक्त आयुक्त (एसआईबी) ज्ञान प्रकाश सिंह ने किया। पांच सदस्यीय टीमों ने जांच के दौरान पाया कि फर्म बड़े पैमाने पर निर्माण सामग्री की खरीद दिखा रही थी, लेकिन उसका वास्तविक उपयोग नहीं हो रहा था। इसके अलावा, 50 हजार रुपये से कम के बिलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में हेराफेरी के लिए किया जा रहा था।
टैक्स जमा करने में लापरवाही
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म विभिन्न सरकारी विभागों के लिए अनुबंध पर काम कर रही थी, लेकिन सेवाओं पर प्राप्त भुगतान के एवज में नियमानुसार टैक्स जमा नहीं कर रही थी। फर्म को कुल टैक्स का 30 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य था, जिसका लंबे समय से पालन नहीं किया जा रहा था। हर खरीद को आईटीसी समायोजन के लिए दर्शाया जा रहा था, जबकि फर्म उस पर आईटीसी लाभ लेने की पात्र नहीं थी। इस अनियमितता के चलते फर्म से डीआरसी-03 के माध्यम से 1.56 करोड़ रुपये नकद जमा कराए गए और बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए।
