लखनऊ में ओले गिरे, बेमौसम बारिश से तापमान में आई भारी गिरावट
पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण लखनऊ में लगातार दूसरे दिन तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला। देर शाम शहर के कई हिस्सों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। नम और ठंडी हवाओं के प्रभाव से दिन के अधिकतम तापमान में अचानक गिरावट आई, जो सामान्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस कम होकर 27.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह स्थिति पिछले 42 वर्षों में अप्रैल माह के लिए सबसे कम दर्ज तापमान के करीब है। न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और हवा की गति 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रही, जिसने अधिकतम तापमान को अधिक बढ़ने से रोका। दोपहर बाद लगभग तीन बजे आसमान कुछ साफ हुआ और धूप निकली। शाम साढ़े छह बजे के आसपास तेज हवाओं के साथ वर्षा शुरू हुई, और देर शाम कई इलाकों में फिर से जोरदार बारिश हुई। निगोहां और रायबरेली रोड के आसपास के क्षेत्रों में ओले भी गिरे। अचानक हुई इस बारिश के कारण सड़कों पर दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित आश्रय ढूंढते नजर आए, जिससे कई जगहों पर यातायात जाम की समस्या उत्पन्न हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य क्षोभमंडल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के पास हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी ट्रफलाइन उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है, जो इस पश्चिमी विक्षोभ को काफी शक्तिशाली बना रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी लखनऊ में आंधी-बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस मौसमी बदलाव का असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ सकती हैं और शहरी यातायात प्रभावित हो सकता है।
