बिहार में आवारा कुत्तों का होगा इंतजाम: बनेंगे डॉग पाउंड और फीडिंग पॉइंट, नसबंदी और टीकाकरण के भी निर्देश
सिवान जिले के नगर निकायों में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। इसके तहत, शहर में डॉग पाउंड (कुत्तों के आश्रय स्थल) और प्रत्येक वार्ड में फीडिंग पॉइंट का निर्माण किया जाएगा। यह पहल आवारा कुत्तों के प्रबंधन और उनके द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
पशुपालन विभाग इस योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विभाग आवारा कुत्तों को एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाएगा और उनकी नसबंदी (बंध्याकरण) भी कराएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि उनकी आबादी अनियंत्रित न हो और रैबीज जैसी खतरनाक बीमारियों का प्रसार रुके।
इस कार्य के लिए नगर प्रबंधक को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। पंचायती राज विभाग डॉग पाउंड के निर्माण की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि स्वास्थ्य विभाग एंटी-रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। यह एक बहु-विभागीय प्रयास है जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी सहयोग करेंगे।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार, नगर निकायों को एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का क्रियान्वयन करने और एबीसी नियम 2023 के तहत आवारा पशुओं को पकड़ने, उनकी नसबंदी, डी-वार्मिंंग और टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। रैबीज से संक्रमित कुत्तों के लिए विशेष डॉग पाउंड बनाए जाएंगे।
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि निर्देश प्राप्त हो गए हैं और जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस योजना से न केवल आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा में भी सुधार होगा।
