डॉ. कलाम की शिक्षाओं को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि: न्यायमू्र्ती कमर हसन रिज़वी, शिक्षा policy
भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि उन्हें याद करने से कहीं अधिक उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने में है। न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी ने यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में डॉ. कलाम की 11वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार हमेशा देशवासियों और दुनिया के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
यह कार्यक्रम ला मार्टिनियर कॉलेज के ऑडिटोरियम में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ट्रस्ट की ओर से आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष अब्दुल नसीर नासिर ने की। कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. कलाम के जीवन, शिक्षाओं और देश के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
सेवानिवृत्त डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने डॉ. कलाम की शिक्षाओं और सेवाओं का विस्तृत वर्णन किया। कॉलेज के प्रधानाचार्य ग्रेरी एडवर्ड ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डॉ. कलाम के विजन पर अपने विचार रखे। अपर जिला न्यायाधीश लखनऊ कमरुज्ज़मा खान, राजनाथ सिंह, राकेश मौर्य और डॉक्टर वीरेंद्र यादव ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर मोहम्मद गुफरान नसीम, डॉक्टर उमा मौर्य, परवीन, अनवर आलम, डॉ. अब्दुल्ला नासिर, मसीहुद्दीन खान, हाफिज आतिफ़ इदरीश अहमद, समीर अहमद सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. कलाम की शिक्षाओं को अपनाने से न केवल व्यक्तिगत जीवन में सुधार आएगा, बल्कि यह देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। ऐसे कार्यक्रम लोगों को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
