आगरा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आते ही सैकड़ों छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) दोनों के नियमों के अनुसार,...
आगरा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आते ही सैकड़ों छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) दोनों के नियमों के अनुसार, परीक्षा में बैठने के लिए पूरे साल कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है।
हालांकि, कई छात्र इस उपस्थिति के आंकड़े को पूरा नहीं कर पाए हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान स्कूल के बजाय कोचिंग संस्थानों पर रहा। ऐसे छात्रों की पहचान कर स्कूल अब उन्हें नोटिस थमा रहे हैं। यदि अधिकारियों से शिकायत होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कई छात्रों ने स्कूल में नामांकन तो कराया, लेकिन वे क्लास में कभी-कभार ही दिखे। इसका मुख्य कारण JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उनकी व्यस्तता रही। सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी, जब तक कि कोई गंभीर कारण जैसे बीमारी या राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता का प्रमाण न हो।
यूपी बोर्ड में भी उपस्थिति के नियम सख्त हैं और कम अटेंडेंस वाले छात्र परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। स्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को चेतावनी दे रहा है कि यदि उपस्थिति पूरी नहीं हुई तो बच्चे परीक्षा से बाहर हो जाएंगे। कई अभिभावक परेशान हैं और कोचिंग सेंटरों से प्रमाण-पत्र लेकर स्कूल में जमा कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नियमों के अनुसार कोचिंग की हाजिरी को स्कूल की उपस्थिति का विकल्प नहीं माना जाता है।
बलूनी स्कूल की अकादमिक हेड अमृता यादव ने बताया कि यह नियम छात्रों को स्कूल और कोचिंग के बीच संतुलन बनाने के लिए है। बोर्ड परीक्षा केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि समग्र विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। आगरा के कई स्कूलों में अब छात्रों को नियमित रूप से क्लास अटेंड करने की सलाह दी जा रही है, ताकि आखिरी समय में ऐसी समस्या न आए।
परीक्षा से पहले यह मुद्दा अभिभावकों और छात्रों के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गया है कि पढ़ाई के साथ स्कूल की नियमित उपस्थिति भी उतनी ही जरूरी है। प्रभारी डीआईओएस डॉ. मानवेंद्र सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के नजदीक आते ही ऐसी शिकायतें बढ़ती हैं। सभी प्रकरणों की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।