शिक्षक बताकर लोन लेने वाले पांचों पर FIR, धोखाधड़ी का मामला
एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें पांच लोगों ने खुद को शिक्षक बताकर लाखों का व्यक्तिगत ऋण लिया। इन लोगों ने फर्जी सैलरी स्लिप और गलत पते का इस्तेमाल कर कंपनी को गुमराह किया। जब कंपनी ने ऋण की वसूली के लिए संपर्क किया, तो पता चला कि कई पते फर्जी थे और आरोपी वास्तव में सरकारी शिक्षक नहीं थे।
कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि ने बताया कि आरोपियों ने ऋण स्वीकृति के लिए जाली दस्तावेज जमा किए थे। ऋण लेने के बाद उन्होंने किश्तें देना बंद कर दिया और कंपनी की जांच में उनके शिक्षक होने और वेतन के दावों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। यह कृत्य आपराधिक मंशा से किया गया था, जिसका उद्देश्य कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।
इस धोखाधड़ी के कारण आम लोगों को वित्तीय संस्थानों पर भरोसा बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है, क्योंकि ऐसे मामले धोखाधड़ी के प्रति सतर्कता बढ़ाते हैं। कोर्ट के आदेश के बाद हरीपर्वत पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
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