यूपी में जमीन विवाद को लेकर दो जगह खूनी संघर्ष, प्रधान समेत 6 लोग घायल | Village land dispute news
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवादों को लेकर हिंसक झड़पों का सिलसिला जारी है। अलीगढ़ जिले के दो अलग-अलग गांवों में हाल ही में ऐसे ही विवाद सामने आए हैं, जिनमें मारपीट और पथराव की घटनाएं हुई हैं।
दरी अलावलपुर में खड़ंजा निर्माण पर विवाद
थाना दादों क्षेत्र के गांव दरी अलावलपुर में खड़ंजा निर्माण के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। गांव के वर्तमान प्रधान राजकुमार और दूसरे पक्ष के झब्बू सिंह के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब झब्बू सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधान उनके खेत में जबरन इंटरलॉक खड़ंजे का निर्माण करा रहे हैं। झब्बू सिंह के अनुसार, विरोध करने पर प्रधान पक्ष के लोगों ने उनके परिवार पर लाठी-डंडों और फावड़े से हमला कर दिया, जिसमें झब्बू सिंह, उनकी पत्नी मंजू देवी और बेटे अर्जुन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनकी पत्नी के साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया गया।
दूसरी ओर, प्रधान राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि झब्बू सिंह पक्ष के 10 से अधिक लोगों ने उनके भाई संत कुमार, नरेंद्र और पुष्पेंद्र पर हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनकी सोने की जंजीर छीन ली गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
साँगौर में चकरोट पैमाइश पर हमला
गभाना थाना क्षेत्र के गांव साँगौर में चकरोट (सरकारी रास्ते) की पैमाइश को लेकर हुए विवाद के मामले में राज्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह विवाद 6 मार्च को नायब तहसीलदार और लेखपाल द्वारा पैमाइश के दौरान शुरू हुआ था।
पीड़ित गुलवेन्द्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शाम को कुछ आरोपी उनके घर में घुस आए और उनकी पत्नी कुसुमा देवी (जो ग्राम प्रधान हैं) के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। जब गुलवेन्द्र कुमार खेत से लौटे और आरोपियों से पूछताछ की तो उन पर भी हमला किया गया। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं किया था, जिसके बाद उन्होंने राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह से न्याय की गुहार लगाई। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
