ChatGPT से भोजपुरी में धमकी: Agra crime news में सर्राफ से मांगी 2.5 करोड़ की रंगदारी, 4 गिरफ्तार
आगरा में एक सर्राफ कारोबारी प्रमोद कुमार अग्रवाल से 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कारोबारी को धमकी देने के लिए इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किया, जिससे पुलिस को गुमराह किया जा सके। धमकी भरे कॉल भोजपुरी भाषा में किए गए थे, जबकि आरोपियों की लोकेशन मुंबई दिखाई दे रही थी। पुलिस ने साइबर इंटेलिजेंस की मदद से इस गिरोह का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार, सर्राफ कारोबारी प्रमोद कुमार अग्रवाल के घर 19 फरवरी को चोरी हुई थी। इसके कुछ दिन बाद, 23 फरवरी को उनके पास धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने कारोबारी के परिवार और गतिविधियों की सटीक जानकारी दी। आरोपी ने खुद को करोड़ों का मालिक बताते हुए कहा कि उसने एक गेमिंग ऐप से 12.50 करोड़ रुपये जीते हैं और उसे 2.5 करोड़ रुपये की जरूरत है, जो वह कारोबारी से वसूलेगा। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।
धमकी भरे कॉल आने के बाद कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब कॉल की लोकेशन ट्रेस की तो वह मुंबई आई, लेकिन जांच में पता चला कि यह कॉल इंटरनेट के जरिए वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करके की गई थी। साइबर टीम ने जांच को आगे बढ़ाया और वीपीएन पोर्टल व इंटरनेट कॉलिंग ऐप के इस्तेमाल का पता लगाया।
पुलिस ने इस मामले में गौरव शर्मा, हृदेश, धीरज सिंह और लतीफ को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गौरव शर्मा का कारोबारी के घर आना-जाना था और वह उनके पेट्रोल पंप की जमीन लीज पर लेने के कारण उनसे परिचित था। हृदेश और लतीफ पर कर्जा था, जिसके चलते उन्होंने कारोबारी को निशाना बनाने की योजना बनाई। लतीफ मूल रूप से बिहार का निवासी है और भोजपुरी बोलता है।
डीसीपी पश्चिम आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी धीरज ने धमकी भरे मैसेज को पहले मोबाइल में टाइप किया। इसके बाद उसने ChatGPT का इस्तेमाल करके इसे भोजपुरी भाषा में बदला। धीरज ने इस मैसेज का प्रिंट निकालकर उसे पढ़कर कारोबारी को फोन किया, ताकि पुलिस को लगे कि धमकी देने वाला कोई भोजपुरी भाषी व्यक्ति है और वे गुमराह हो जाएं।
