मलिहाबाद में आवारा कुत्तों का आतंक, हर दिन 40 से ज्यादा लोग शिकार; Malihabad News
लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब ये राहगीरों के साथ-साथ वाहन सवारों को भी निशाना बना रहे हैं। मलिहाबाद के गांवों और कस्बों में आवारा कुत्तों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं।
हाल ही में महदोईया गांव के 7 वर्षीय आयुष पर घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के शरीर पर कई जगह काटा, जिसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। वहीं, शीतलनटोला निवासी अरुण कश्यप भी रविवार रात मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, जब नींबू बाग के पास कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वह गिरकर चोटिल हो गए।
सीएचसी में रोजाना 40 मामले
मलिहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आवारा कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, सीएचसी में रोजाना औसतन 30 से 45 लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों का व्यवहार पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक हो गया है। पहले ये केवल राहगीरों पर हमला करते थे, लेकिन अब साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों को दौड़ाकर गिरा देते हैं।
बंदरों का भी बढ़ा आतंक
आवारा कुत्तों के अलावा मलिहाबाद के महमूदनगर, बड़ीगढी, कनार, बख्तियारनगर जैसे कई गांवों में बंदरों के झुंड ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि काकोरी इलाके से वन विभाग द्वारा भगाए गए बंदर मलिहाबाद के गांवों में आ गए हैं। ये घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं और भगाने पर हमलावर हो जाते हैं।
जिम्मेदार विभाग मौन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सरकार के निर्देश हैं कि आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाए, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
