GST घूसखोरी में GST के तीन और कर्मियों पर FIR, पीड़ितों के बयान से CBI को मिले सबूत
झांसी में जीएसटी अधिकारियों के रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई ने तीन और कर्मचारियों को जांच के दायरे में लिया है। डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी के बाद, अब यह मामला और गहरा गया है। व्यापारियों से मिले नए सुरागों और कार्यालय के दस्तावेजों की जांच के बाद सीबीआई ने इन कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
यह मामला तब सामने आया जब सीबीआई ने झांसी जीएसटी कार्यालय में छापा मारा और डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी और अजय शर्मा को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में कुल 1 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बरामद हुई थी।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारियों के बाद कई स्थानीय व्यापारियों ने आगे आकर रिश्वतखोरी में शामिल अन्य कर्मचारियों के बारे में जानकारी दी। इन सुरागों के आधार पर सीबीआई टीम ने झांसी जीएसटी कार्यालय में दस्तावेजों की गहन जांच की और कुछ कर्मचारियों के मोबाइल रिकॉर्ड भी खंगाले। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर सीबीआई जल्द ही इन तीनों कर्मचारियों को भी एफआईआर में नामजद कर सकती है।
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। एक करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी के कारण ईडी ने आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। ईडी आरोपियों और उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों की जांच कर रहा है और जल्द ही मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर सकता है।
