तेलंगाना में मोस्ट वॉन्टेड माओवादी बारसे देवा का `Maoist surrender`, 21 साथियों संग किया आत्मसमर्पण, भारी मात्रा में हथियार बरामद
देश के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में से एक बारसे देवा उर्फ सुक्का ने तेलंगाना पुलिस के सामने अपने 21 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह `Maoist surrender` सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इसके साथ ही माओवादी दस्ते से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं। इस आत्मसमर्पण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली की उम्मीदें बढ़ी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिली है।
बारसे देवा, जो पीएलजीए-एक के प्रमुख के रूप में माओवादी आंदोलन के सबसे हिंसक धड़ों में से एक का नेतृत्व कर रहा था, ने शनिवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उसके साथ उसके 21 अन्य साथी भी मुख्यधारा में लौटे। इन माओवादियों ने कुल 48 हथियार सौंपे, जिनमें कई अत्याधुनिक राइफलें शामिल हैं।
बरामद हथियारों में इजरायल द्वारा विकसित आधुनिक टावोर राइफल, अमेरिकी निर्मित कोल्ट ऑटोमैटिक राइफल, एके-47, इंसास और सेल्फ लोडिंग राइफलें प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि टावोर राइफल का इस्तेमाल बारसे देवा स्वयं करता था। कोल्ट ऑटोमैटिक राइफल 5.56 मिमी नाटो कैलिबर का एक स्वचालित हथियार है, जिसकी तेज फायर रेट और लंबी रेंज इसे युद्ध इकाइयों के लिए बेहद प्रभावी बनाती है। यह स्पष्ट नहीं है कि माओवादियों तक ये अत्याधुनिक हथियार कैसे पहुंचे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये हथियार मुठभेड़ों के दौरान जवानों से लूटे गए थे।
इस वर्ष बस्तर रेंज में चलाए गए अभियानों और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के सहयोग से अब तक कुल 677 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। यह किसी एक वर्ष में हथियारों की सबसे बड़ी बरामदगी है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2001 से अब तक छत्तीसगढ़ में माओवादियों द्वारा 516 हथियार लूटे गए हैं। बारसे देवा का आत्मसमर्पण और हथियारों की यह बरामदगी माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
