Swachh Survekshan 2024: आगरा को मिला देश में 10वां स्थान, UP में दूसरा; जानें कैसे मिली यह उपलब्धि
आगरा नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में लंबी छलांग लगाते हुए देश में 10वां और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की प्रतिस्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल हुई है। इसके साथ ही आगरा को ‘प्रोमिसिंग स्वच्छ सिटी ऑफ यूपी’ का विशेष पुरस्कार भी मिला। यह सम्मान उत्तर प्रदेश की ओर से नगर विकास मंत्री एके शर्मा के साथ मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने प्राप्त किया।
कचरा प्रबंधन में नवाचार से मिली सफलता
स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम ने वार्ड स्तर पर सर्वे किया, जिसमें नागरिकों की सक्रिय सहभागिता, ठोस कचरा प्रबंधन में नवाचार और 100 प्रतिशत स्रोत स्तरीय कचरा पृथक्करण जैसे बिंदुओं पर ध्यान दिया गया। आगरा नगर निगम ने अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन और मल प्रबंधन के लिए आधुनिक एफएसटीपी (FSTP) पर काम किया। ‘वेस्ट टू वंडर’ जैसे रचनात्मक अभियानों ने शहर को विशेष पहचान दिलाई।
पिछले वर्षों के मुकाबले बड़ा सुधार
पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में आगरा को ओवरआल रैकिंग में 85वां स्थान मिला था। वर्ष 2022 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की रैंकिंग में आगरा 23वें स्थान पर था। इस बार 10वें स्थान पर आना शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। प्रतिस्पर्धा के कुल 12500 अंकों में से आगरा ने 11532 अंक प्राप्त किए, जो 92.2 प्रतिशत है।
गोबर से खाद बनाने के प्लांट को मिला ZED गोल्ड प्रमाण पत्र
आगरा नगर निगम ने अपशिष्ट प्रबंधन में गोबर से खाद बनाने के प्लांट को भी शामिल किया है। कुबेरपुर स्थित इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिटी में ‘काउ डंग टू कंपोस्ट प्लांट’ द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से खाद का निर्माण हो रहा है। इस प्लांट को भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 में जेड गोल्ड (जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट) प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण पत्र पाने वाला आगरा नगर निगम प्रदेश का पहला नगर निगम है। इस जैविक खाद का उपयोग शहर के पार्कों और डिवाइडरों पर हरियाली बढ़ाने में किया जा रहा है।
