दिल्ली में मां-भाई की हत्या: दोषी बेटे को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
दिल्ली की एक अदालत ने बिंदापुर इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी सुनील अरोड़ा ने अपनी मां और भाई की बेरहमी से हत्या की थी। द्वारका स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार जैन की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना परिवार के भीतर संपत्ति विवाद और तनाव के कारण हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह जघन्य अपराध बिंदापुर थाना क्षेत्र में हुआ था। आरोपी सुनील अरोड़ा ने चाकू, कैंची और कपड़े धोने वाली थापी (डंडा) से हमला कर अपनी मां लता अरोड़ा और भाई राजेंद्र अरोड़ा की जान ले ली थी। पुलिस को मौके पर राजेंद्र अरोड़ा कुर्सी पर मृत मिले थे, जबकि उनकी 75 वर्षीय मां फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थीं।
मुकदमे के दौरान, सुनील अरोड़ा ने अदालत में दावा किया कि उसने आत्मरक्षा में यह हमला किया था। उसका कहना था कि उसका छोटा भाई राजेंद्र मां को पीट रहा था और उसे बचाने के चक्कर में यह घटना हुई। हालांकि, न्यायाधीश ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यदि आरोपी ने आत्मरक्षा में हमला किया होता, तो उसके शरीर पर भी संघर्ष के निशान होने चाहिए थे, जो नहीं पाए गए। इसके विपरीत, चाकू, कैंची और थापी पर मृतक राजेंद्र का डीएनए पाया गया। आरोपी के कपड़ों पर भी मृतक का खून मिला, जिसका वह कोई ठोस कारण नहीं दे सका। पड़ोसी ने भी गवाही दी कि दोनों भाइयों में अक्सर झगड़ा होता था और मां अक्सर छोटे बेटे राजेंद्र का पक्ष लेती थी, जिससे सुनील नाराज रहता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतक राजेंद्र के गर्दन पर किया गया हमला इतना गहरा था कि वह जान लेने के लिए पर्याप्त था। वहीं, बुजुर्ग मां के सिर पर भी भारी वस्तु से कई वार किए गए थे।
अदालत ने मामले को ‘रेयररेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं माना, इसलिए फांसी की सजा न देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आदेश दिया कि सुनील अरोड़ा को बाकी का जीवन जेल में ही बिताना होगा।
