साउथ फिल्म से सीखा QR कोड फ्रॉड, 10वीं पास ने AI से की लाखों की ठगी; ‘delhi cyber crime news’ में खुलासा
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसने साउथ इंडियन फिल्म ‘वेट्टैयन’ से प्रेरणा लेकर क्यूआर कोड फ्रॉड को अंजाम दिया। आरोपी मनीष वर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इमेज एडिटिंग ऐप्स का उपयोग करके व्यापारियों के क्यूआर कोड में हेरफेर किया और लाखों रुपये की ठगी की। यह मामला ‘delhi cyber crime news’ में सामने आया है, जहां पुलिस ने बताया कि आरोपी केवल 10वीं पास है लेकिन उसने तकनीकी रूप से जटिल ठगी को अंजाम दिया।
यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने एक दुकान से 2.50 लाख रुपये का लहंगा खरीदा था और क्यूआर कोड स्कैन करके 1.4 लाख रुपये का भुगतान किया। हालांकि, दुकानदार को यह रकम नहीं मिली। जांच में पता चला कि भुगतान मर्चेंट के खाते में जाने के बजाय आरोपी के बैंक खाते में डायवर्ट हो गया था।
दिल्ली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। टीम ने दुकान के बिलिंग सिस्टम और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। यूपीआई ट्रांजैक्शन ट्रेल की विस्तृत जांच से पता चला कि ठगी की गई रकम राजस्थान से संचालित एक बैंक खाते में जमा हुई थी। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाया।
पुलिस ने राजस्थान के जयपुर जिले से आरोपी मनीष वर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने साउथ फिल्म ‘वेट्टैयन’ में दिखाए गए दृश्यों से प्रेरणा ली थी। उसने बताया कि वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से व्यापारियों के असली क्यूआर कोड हासिल करता था। फिर AI-आधारित इमेज एडिटिंग ऐप्स का उपयोग करके मर्चेंट के बैंक अकाउंट डिटेल्स को अपने अकाउंट से बदल देता था।
आरोपी एडिट किए गए क्यूआर कोड को दुकान के स्टाफ को सौंप देता था, जो ग्राहकों को भुगतान के लिए दिखाते थे। ग्राहक बिना जाने भुगतान करते थे, और पैसा सीधे ठग के खाते में चला जाता था। पुलिस ने आम जनता को ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
